रांची : झारखंड हाईकोर्ट चारा घोटाला मामले में सजायाफ्ता राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की अपील याचिका पर आज मंगलवार से नियमित सुनवाई शुरू होगी। देवघर कोषागार से अवैध निकासी से जुड़े इस मामले में कोर्ट अब रोजाना सुनवाई करेगी।
लंबे समय से लंबित इस अपील की सुनवाई पर सबकी निगाहें टिकी हैं। अब रोजाना होने वाली सुनवाई में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अपील पर बहस किस तरह आगे बढ़ती है और मामले में अगली न्यायिक प्रक्रिया क्या दिशा लेती है।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि निचली अदालत का रिकॉर्ड काफी विशाल है। ऐसे में उसकी हार्ड कॉपी सभी संबंधित पक्षों को उपलब्ध कराना संभव नहीं है। रिकॉर्ड की इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए अदालत ने अपील पर नियमित सुनवाई की व्यवस्था की है।
इस मामले में हाईकोर्ट लालू प्रसाद यादव को पहले ही जमानत दे चुका है। अब उनकी अपील पर नियमित सुनवाई शुरू होने से मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, सुनवाई के परिणाम को लेकर अभी कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
चारा घोटाले का यह मामला देवघर कोषागार से कथित तौर पर अवैध तरीके से सरकारी राशि निकालने से संबंधित है। इस मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने लालू प्रसाद यादव को दोषी ठहराते हुए साढ़े तीन साल के कारावास की सजा सुनाई थी। निचली अदालत के इस फैसले को चुनौती देते हुए लालू यादव ने झारखंड हाईकोर्ट का रुख किया था।
झारखंड हाईकोर्ट की जज अनुभा रावत चौधरी की बेंच ने सोमवार को मामले में आंशिक सुनवाई की थी। इसी दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि चारा घोटाले से जुड़े आरसी 64ए/1996 मामले में दायर अपील पर मंगलवार से प्रतिदिन सुनवाई की जाएगी। यह अपील सीबीआई की स्पेशल कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा के खिलाफ दायर की गई थी।
मामले की पिछली सुनवाई में लालू प्रसाद यादव की ओर से पेश अधिवक्ताओं और सीबीआई के वकीलों ने संयुक्त रूप से अदालत के सामने अपनी दलीलें रखी थीं। दोनों पक्षों ने कहा था कि मामले में अंतिम बहस शुरू करने से पहले पेपर बुक तैयार करना बेहद जरूरी है। पेपर बुक में मुकदमे से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों और रिकॉर्ड को व्यवस्थित किया जाता है, ताकि सुनवाई के दौरान उन्हें आसानी से देखा जा सके।
