ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने रविवार को दोबारा चुनाव जीत लिया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मुखर आलोचक लूला ने अपने प्रतिद्वंद्वी फ्लावियो बोल्सोनारो को करीब 44 लाख मतों से हराया। चुनाव प्राधिकरण के मुताबिक, 100 प्रतिशत मतों की गिनती पूरी हो चुकी है।
लूला की जीत लैटिन अमेरिका में दक्षिणपंथी नेताओं की बढ़ती लोकप्रियता के रुझान के विपरीत है। उनकी वापसी से ब्राजील और मेक्सिको में वामपंथी झुकाव वाली सरकारें बनी रहेंगी। साथ ही, ब्राजील के अमेरिका से स्वतंत्र रुख बनाए रखने की संभावना भी बढ़ी है।
मतदान का समय आखिरी क्षणों में दो घंटे बढ़ाए जाने के कारण कई केंद्रों पर भ्रम की स्थिति बनी। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश क्रिस्टियानो ज़ानिन के इस फैसले पर बोल्सोनारो के सहयोगी निकोलस फरेरा ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ज़ानिन पहले लूला के वकील रह चुके हैं।
पहले दौर में बोल्सोनारो को 47 प्रतिशत और लूला को 45 प्रतिशत वोट मिले थे। महंगाई और सुरक्षा चुनाव के प्रमुख मुद्दे रहे। बोल्सोनारो ने अपराध पर सख्ती और खाद्य कीमतें घटाने का वादा किया, जबकि लूला ने सामाजिक योजनाओं और लोकतांत्रिक मूल्यों पर जोर दिया।
लूला 2003 से 2010 तक दो बार राष्ट्रपति रह चुके हैं। भ्रष्टाचार के मामले में जेल जाने के बाद उनकी सजा रद्द कर दी गई थी। 2022 में उन्होंने बोल्सोनारो को हराकर सत्ता में वापसी की थी। उनका नया कार्यकाल 5 जनवरी, 2027 से शुरू होगा।
