जितेन्द्र, सन्मार्ग संवाददाता
सांकतोड़िया : ईसीएल के चापापुर ओसीपी से कोयला लोड कर बाहर निकल रहे तीन हाईवा को ग्रामीणों ने पकड़ लिया। ग्रामीणों ने तीनों वाहनों पर अवैध रूप से कोयला लादकर खदान से बाहर ले जाने का आरोप लगाया है। घटना के बाद इलाके में हलचल मच गई। ग्रामीणों ने तीनों वाहनों को सीआईएसएफ और ईसीएल सिक्योरिटी टीम के हवाले कर दिया। बाद में ईसीएल प्रबंधन ने वाहनों को पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। चापापुर ओसीपी में उत्पादन और परिवहन का काम करने वाली आउटसोर्सिंग कंपनी ने कोयला तस्करी के आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया है कि तीनों हाईवा पर कोयला नहीं, बल्कि ओवरबर्डन (ओबी) लदा था।
तीन हाईवा पकड़े जाने से मचा हड़कंप
जानकारी के अनुसार तीन हाईवा चापापुर ओसीपी से लोड लेकर बाहर निकल रहे थे। इसी दौरान ग्रामीणों की नजर इन वाहनों पर पड़ी। ग्रामीणों ने वाहनों को रोककर इसकी सूचना सीआईएसएफ और ईसीएल की सुरक्षा टीम को दी। सूचना मिलने के बाद सुरक्षा टीम मौके पर पहुंची और तीनों वाहनों को अपने कब्जे में ले लिया। बताया जाता है कि वाहनों के ड्राइवरों से खदान में प्रवेश, लोडिंग और सामग्री को बाहर ले जाने से संबंधित कागजात मांगे गए। आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने के बाद मामले की जानकारी ईसीएल प्रबंधन को दी गई। इसके बाद प्रबंधन ने तीनों वाहनों को पुलिस के हवाले कर दिया।
बिना अनुमति खदान में प्रवेश कैसे हुआ
इस घटना ने चापापुर ओसीपी की सुरक्षा व्यवस्था और वाहनों की निगरानी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि चापापुर में 10 चक्का हाईवा के परिचालन नहीं होता है। ऐसे में पकड़े गए तीनों हाईवा खदान के अंदर किस उद्देश्य से पहुंचे थे और उन्हें किसकी अनुमति प्राप्त थी, इसकी जांच होनी चाहिए। चापापुर कोलियरी के प्रबंधक एके झा ने बताया कि बिना अनुमति खदान में प्रवेश करने वाले तीनों वाहनों को पुलिस के हवाले कर दिया गया है। पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
यूनियन का कड़ा रुख चक्का जाम की चेतावनी
तीन हाईवा पकड़े जाने की घटना के बाद यूनियनों ने कड़ा रुख अपनाया है. यूनियनों ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है।यूनियन नेताओं का आरोप है कि चापापुर कोलियरी ईसीएल के मुगमा क्षेत्र में कोयला उत्पादन का प्रमुख केंद्र है। इसके बावजूद यहां कथित रूप से अवैध कोयला कारोबार संचालित हो रहा है। उन्होंने इस कारोबार में तस्करों के साथ कंपनी से जुड़े कुछ लोगों की कथित मिलीभगत का आरोप लगाया है।
