संजय सन्मार्ग संवाददाता अंडाल: ईसीएल के बंकोला क्षेत्र अंतर्गत कुमारडीही ‘ए’ कोलियरी में सोमवार शाम खदान की लिफ्ट (डोली) का केबल अचानक इंजन ड्रम में उलझ गया, जिसके कारण 120 मीटर गहरी खदान में करीब 60 मीटर की गहराई पर 14 कोयला खनिक बीच रास्ते में ही फंस गए। घटना के बाद खदान परिसर में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार,सोमवार शाम जब खदान में शिफ्ट बदलने की प्रक्रिया चल रही थी। नियमों के तहत 8 खनिक ड्यूटी के लिए नीचे उतर रहे थे, जबकि अपनी पाली पूरी कर चुके 6 मजदूर बाहर निकलने के लिए लिफ्ट में सवार थे। दोनों डोलियां(लिफ्ट) जब करीब 60 मीटर की गहराई पर आमने-सामने थीं, तभी इंजन रूम के ड्रम में अचानक तकनीकी खराबी आ गई। भारी लोहे का केबल ड्रम में उलझते ही जोरदार झटके के साथ लिफ्ट बीच रास्ते में ही लटक गई।
घटना के कई घंटे बीत जाने के बाद भी रात पौने आठ बजे तक कोई ठोस तकनीकी बचाव कार्य शुरू नहीं हो सका था। साथी मजदूरों और परिजनों ने प्रबंधन की लापरवाही पर भारी आक्रोश जताया। खदान के भीतर फंसे मजदूरों में घबराहट बढ़ रही है। साथी कामगारों ने चेतावनी दी कि यदि किसी मजदूर को कुछ होता है, तो इसकी सीधी जिम्मेदारी ईसीएल प्रबंधन की होगी। आपातकालीन व्यवस्था के जरिए गहराई में फंसे मजदूरों तक पीने का पानी और जरूरी खाद्य सामग्री पहुंचाई गई है।
ऊपर से आवाज देकर बढ़ाया हौसला
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय विधायक जितेंद्र तिवारी और पूर्व विधायक गौरांग चटर्जी मौके पर पहुंचे। विधायक जितेंद्र तिवारी ने लिफ्ट शाफ्ट के मुहाने से आवाज लगाकर भीतर फंसे मजदूरों का हौसला बढ़ाया और हिम्मत न हारने को कहा। विधायक ने बताया कि ईसीएल के उच्च अधिकारियों से लगातार संपर्क साधा जा रहा है और मजदूरों को सुरक्षित निकालना ही पहली प्राथमिकता है।
डीजीएमएस की तकनीकी टीम रवाना
मामले की गंभीरता को देखते हुए महानिदेशालय खान सुरक्षा (DGMS) के अधिकारी और ईसीएल के महाप्रबंधक (सुरक्षा) विशेषज्ञ दल के साथ मौके के लिए रवाना हो गए हैं। कोलियरी के अभिकर्ता मधुसूदन सिंह ने बताया कि उलझे हुए केबल को दुरुस्त करने का काम युद्धस्तर पर जारी है और जल्द ही सभी खनिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा।
